Virat Kohli said on Citizenship Amendment Act - I will not say anything without information
Virat Kohli said on Citizenship Amendment Act - I will not say anything without information

विराट कोहली ने शनिवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) पर बिना किसी पूर्ण जानकारी के टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कोहली ने 2016 में नोटबंदी को ‘भारतीय राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण कदम’ करार दिया था, जिसके लिए उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ी थी और लोगों ने इस विषय पर उनकी जानकारी को लेकर सवाल उठाए थे।

सीएए (CAA) से अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय हिन्दू, सिख, बौध, जैन, पारसी और ईसाइयों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में रहने पर भारातीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है।

Citizenship Amendment Act के खिलाफ गुवाहाटी में कुछ दिन पहले बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और ऐसे में भारतीय कप्तान से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब देने में बेहद सतर्कता बरती।

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कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय की पूर्व संध्या पर कहा, ‘इस मसले पर मैं गैरजिम्मदार नहीं होना चाहता है और ऐसा कुछ नहीं कहना चाहता हूं जिस पर दोनों पक्षों की आम राय न हो। मुझे इसके बारे में संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए कि इसका क्या मतलब है और इसको लेकर क्या चल रहा है और इसी के बाद मुझे इस पर बयान देने के लिये जिम्मेदार होना चाहिए।’

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कप्तान ने स्पष्ट किया कि वह जिस विषय के बारे में ज्यादा नहीं जानते उस पर टिप्पणी करके खुद को विवादों में नहीं घसीटना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘क्योंकि आप एक बात कह सकते हैं और उसके बाद कोई दूसरी बात कह सकता है। इसलिए मैं ऐसी किसी चीज में नहीं पड़ना चाहता जिसकी मुझे पूर्ण जानकारी नहीं हो और इस टिप्पणी करना मेरे लिहाज से जिम्मेदारी भरा नहीं होगा।’

कोहली हालांकि सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं और उन्होंने कहा कि शहर पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा, ‘शहर पूरी तरह से सुरक्षित है। हमने सड़कों पर किसी तरह की परेशानी नहीं देखी।’