कप्तान बनते ही रोहित शर्मा ने MS Dhoni के इन दोस्तों को सन्यास लेने के लिए कर दिया मजबूर

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान MS Dhoni के क्रिकेट करियर के दौरान ऐसा कोई खिताब नहीं रहा, जिसे वह हासिल ना कर पाए हो। वह इकलौते ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने साल 2007 के T20 वर्ल्ड कप से लेकर साल 2011 के एकदिवसीय वर्ल्ड कप के तक के खिताब हासिल किए हैं। अपनी कप्तानी के दौरान उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाया ऐसे ही खिलाड़ियों की लिस्ट में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा भी शामिल है।

रोहित शर्मा साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत की तरफ से नंबर 6 पायदान पर खेलै है। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी तू रोहित शर्मा की किस्मत ही पलट कर रख दी भारत के सबसे सफल कॉपर बल्लेबाज तो है ही उसके साथ भारतीय टीम का कप्तानी पद भी संभालते हैं लेकिन अपनी प्लेइंग इलेवन में हिटमैन इन खिलाड़ियों को लगातार नजरअंदाज करते चले आ रहे हैं जो किसी से में धोनी के खास करीगी दोस्त होते थे।

ईशांत शर्मा

अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए ,माने जाने वाले भारतीय टीम के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भारत के कई महत्वपूर्ण मुकाबलों के दौरान अपनी गेंदबाजी से बेहतर और शानदार भूमिका निभाते दिखाई दिए हैं। ईशांत शर्मा का नाम धोनी के उन चाहते गेंदबाजों में शामिल है, जो वनडे, टी-20 और टेस्ट क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेले हैं। लेकिन जब से कप्तानी की बागडोर रोहित शर्मा के हाथों में आई है। ईशांत शर्मा लगातार टीम से बाहर ही रखे जा रहे हैं। ईशांत शर्मा ने भारत के लिए वनडे में 85, T20 में 14, और टेस्ट मैच में 105 मैच खेले हैं। इसके साथ 8, 115 और 311 विकेट भी झटके हैं।

भुवनेश्वर कुमार

मेरठ के रहने वाले तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार गेंद को बीच के दोनों तरफ स्विंग कराने की विशेष काबिलियत रखते हैं। T20 वर्ल्ड कप के बाद से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं इन का क्रिकेट करियर बहुत ही शानदार रहा है धोनी की कप्तानी में उन्होंने टीम इंडिया के लिए बहुत ही बेहतर प्रदर्शन किया है इसके साथ साथ साल 2013 की चैंपियन ट्रॉफी में जीत दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

वहीं साल 2019 के वर्ल्ड कप के दौरान भारत-न्यूजीलैंड से हार कर सेमीफाइनल मुकाबले से बाहर हो गए थे। भुवनेश्वर कुमार ने तीनों ही प्रारूपों में टीम इंडिया के लिए बहुत ही शानदार गेंदबाजी की है। इसके साथ टेस्ट में 21, वनडे में 121, और टी-20 में उन्होंने 87 मैच खेले हैं। इसके साथ-साथ 63, 141, 90 विकेट भी चटकाए हैं। लेकिन रोहित की कप्तानी में वह अपने आपको साबित कर पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं, और उन्हें लगातार टीम से बाहर रखा जा रहा है।

Read Also:-World Test Championship 2023 : विराट- रोहित टॉप टेन की लिस्ट में नहीं हैं शामिल, बल्कि इन 7 खिलाड़ियों ने खड़े किए रनों के पहाड़