दुनिया के बड़े Ricords तोड़ सकते थे ये 3 खिलाड़ी, लेकिन बीमारी ने बर्बाद कर दिया करियर

Ricords : क्रिकेट जगत के इतिहास में ऐसे कई खिलाड़ी हुए, जिनकी बीमारी ने ही उनके करियर को डुबो दिया। अगर आज यह खिलाड़ी बीमारी की चपेट का शिकार ना होते, तो आज वह एक अलग ही मुकाम हासिल कर लेते। यह खिलाड़ी अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे, लेकिन बीमारी की चपेट में ऐसा बुरा फंस गए, कि उनका पूरा क्रिकेट करियर तहस-नहस हो गया। इन खिलाड़ियों का शरीर ही उनका साथ देने में सक्षम नहीं रहा। आइए क्रिकेट जगत के ऐसे ही दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में बात करते हैं, जिनकी बीमारी ने ही उनके करियर को डुबो दिया।

युवराज सिंह

अपनी काबिलियत के दम पर भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह भारत को कई मैच जिताने में कामयाब रहे। अपनी बेहतरीन गेंदबाजी और बल्लेबाजी के शानदार प्रदर्शन से युवराज सिंह ने क्रिकेट जगत में धमाल मचा रखा था। भारत के लिए युवराज सिंह ने साल 2007 के T20 वर्ल्ड कप और 2011 के वर्ल्ड कप जीतने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाया है।

युवराज सिंह 2011 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी रहे। वर्ल्ड कप खेलने के बाद युवराज सिंह लंग कैंसर का शिकार हो गए। 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे वर्ल्ड कप के दौरान ही अचानक युवराज सिंह को खून की उल्टियां होने लगी। हालांकि युवराज सिंह ने इस भयानक बीमारी से लड़ने के बाद अपनी क्रिकेट करियर में वापसी की, लेकिन वह जिसके लिए इतना अधिक फेमस थे, दोबारा अपनी वह लय बरकरार नहीं कर सके।

शोएब अख्तर

रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की बेहतरीन गेंदबाजी देखने के बाद बल्लेबाज भयभीत हो उठते थे। वह इतनी अधिक तेज गेंद फेंकने में माहिर थे, कि बल्लेबाज उनकी गेंदों का सामना करने से ही कतराते थे।

शोएब अख्तर ने भारत के खिलाफ खेले जाने वाले एक मैच के दौरान अपनी ताबड़तोड़ गेंदबाजी के चलते सौरव गांगुली की पसलियों में गेंद मार दी थी, जिसके चलते गांगुली को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि शोएब अख्तर को भी इसका काफी नुकसान सहना पड़ा। बिजली से भी अधिक तीव्र गति से गेंदबाजी करने के कारण शोएब अख्तर को घुटनों की दिक्कतें शुरू हो गई थी। जिसके चलते वह आज तक रिकवर नहीं कर पाए हैं। अपने घुटनों की दिक्कत से परेशान शोएब अख्तर ने अपने कई मैचों को छोड़ भी दिया था।

बीयू कैसन

आस्ट्रेलिया के पूर्व चाइनामैन गेंदबाज बीयू कैसन भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं। जिनका बीमारी के कारण बहुत जल्द ही क्रिकेट करियर खत्म हो गया था। बीयू कैसन पैदा होने से ही दिल की गंभीर बीमारी का शिकार थे, जिसके चलते उनका ऑपरेशन भी कराया गया। लेकिन फिर भी वह पूरी तरह से अपने आप को रिकवर नहीं कर सके।

ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए उन्होंने साल 2008 में अपना डेब्यू किया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ वह अपना एकलौता टेस्ट मैच ही खेल सके थे, जिसमें वह जेवियर मार्शल को आउट कर अपना पहला विकेट लेने में कामयाब साबित हुए। ऐसा माना जा रहा था की दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ब्रैड हॉग को वह रिप्लेस करने में कामयाब साबित होंगे, लेकिन जब उनकी दिल की बीमारी उभरकर सामने आ गई, तो 2011 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

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