dinesh karthik

निधास टी 20 ट्रॉफी में टीम इंडिया की जीत मानो दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) के करिश्मे के आगे छिप सी गई है. करोड़ों क्रिकेट प्रेमी टीम रोहित एंड कंपनी की जीत से ज्यादा कार्तिक के कातिलाना तेवरों के बारे में बात कर हैं.

बहरहाल अब दिनेश कार्तिक के 8 गेंदों पर मास्टर प्लान का खुलासा हुआ है. कार्तिक ने 8 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाए. और हर गेंद के खिलाफ उनकी अलग ही रणनीति थी. चलिए जानिए हर गेंद के बारे में कार्तिक ने क्या कहा है.

पहली गेंद: छक्का
पिछले मैच में रुबेन ने मुझे यॉर्कर फेंकी थी और यह रिवर्स स्विंग हो रही थी. मैं जान गया कि इस बार भी रुबेल यही गेंद फेंकेगा. मैं गेंद के पीछे आना चाहता था, जिससे मुझे शॉट में ऊंचाई मिल सके. इसलिए मैं क्रीज से आगे खड़ा हुआ. इसके पीछे विचार ऊंचाई हासिल करने के लिए गेंद से जल्द से जल्द बल्ले की मुलाकात करना था.

दूसरी गेंद: चौका
मेरा मकसद सिर्फ गैप (खाली जगह) में शॉट लगाना था. इसलिए में स्थिर खड़ा था. मैंने अपनी क्रीज का इस्तेमाल किया, जिससे मैं गैप ढूंढ सकूं. सौभाग्य से रुबेल ने वहीं गेंद फेंकी, जहां से मैं चौका हासिल करने में कामयाब रहा.

तीसरी गेंद : छक्का
मैं जान चुका था कि इस बार रुबेल यॉर्कर नहीं फेंकेगा क्योंकि पहले ही वह इस कोशिश में छक्का खा चुका था. इसलिए मैं क्रीज में पीछे खड़ा हुआ. इसका फायदा मुझे मिला और मैं स्कवॉयर लेग के ऊपर से छक्का जड़ने में कामयाब रहा

चौथी गेंद : कोई रन नहीं
यह धीमी गेंद थी, लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी. मैंने कुछ ज्यादा ही ताकत के साथ कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद और बल्ले की मुलाकात नहीं हो सकी

पांचवीं गेंद : दो रन
मैंने एक्स्ट्राकवर के ऊपर से शॉट खेलने की कोशिश की. मैंने सोचा कि अगर यह धीमी गेंद भी होगी, तो भी मैं गेंद के पीछे आने में सफल रहूंगा. लेकिन इस बार प्लान कामयाब नहीं हुआ. और केवल दो ही रन मिल सके.

छठी गेंद : चौका
मैं हर गेंद पर चौका लगाना चाहता था. मैंने बड़े छक्के लगाने की कोशिश नहीं की. खाली जगह हासिल करना महत्वपूर्ण था. मैंने इस पर बहुत काम किया कि क्रीज का इस्तेमाल कैसे करना है. मैं लेग स्टंप के पीछे चला गया. संभवत: आखिरी क्षणों में मैंने महसूस किया कि गेंदबाज ऑफ स्टंप के बाहर फुललेंथ गेंद फेंकने की कोशिश करेगा. लेकिन जल्द ही मैं इस स्थिति में आ गया, जहां से मैं स्कूप शॉट खेल सकता था. मेरा अनुमान था कि मैं अपनी सोच और प्लानिंग में एक कदम आगे था.

सातवीं गेंद: एक रन
यह गेंद यॉर्कर थी और यह वहीं पिच हुई, जहां गेंदबाज चाहता था. इस बार भी मैं क्रीज के थोड़ा पीछे चला गया था. लेकिन एक रन ही आया.

आठवीं गेंद: छक्का
मैं शॉट खेलने के साथ ही समझ गया कि संपर्क इस बार शानदार हुआ है. यह बहुत ही फ्लैट शॉट था. जैसे ही शॉट बल्ले से निकला, तो यही फील हुआ कि गेंद छक्के के लिए जाकर गिरेगी क्योंकि गेंद बिल्कुल बल्ले के बीच से टकराकर गई थी. वहीं, मेरा बल्ला भी हाथ में घूमा नहीं. लेकिन अब जबकि शॉट बहुत ही फ्लैट था, तो थोड़ा सा संदेह छक्के को लेकर जरूर था. आखिर में गेंद बाउंड्री के बाहर जाकर गिरी

Leave a comment

Your email address will not be published.