110470 jztafiawyg 1547377692 शिवसेना: सरकार भेजे जेल, महबूबा मुफ्ती आतंकवाद की भाषा बोल रही हैं

शिवसेना ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर अनुच्छेद 35ए का विरोध करने वालों के खिलाफ ‘आतंकवाद की भाषा’ बोलने के लिए संशोधित आतंकवाद निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र की प्रमुख राजनीतिक पार्टी शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को जेल भेजने की मांग की है।

अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने का प्रस्ताव पेश में होने से पहले सामना के मराठी संस्करण में प्रकाशित संपादकीय में उद्धव ठाकरे की पार्टी वार्षिक अमरनाथ यात्रा को रोकने के सरकार के फैसले का भी समर्थन किया। शिवसेना ने कहा, ‘महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अनुच्छेद 35ए को छूने वाले हाथ जला दिए जाने चाहिए और कश्मीरियों को बलिदान के लिए तैयार रहना चाहिए। देश के गृह मंत्री को उकसावे एवं विद्रोह की ऐसी भाषा को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। यह आतंकवाद की भाषा है।’ 

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यूएपीए ऐक्ट की तहत भेजें जेल

अपनी संपादकीय में पार्टी ने आगे कहा, नए यूएपीए के तहत जेल भेज दिया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कश्मीर में दंगे कराने की उनकी साजिश कामयाब हो जाएगी। बता दें कि संसद में हाल ही में पेश हुआ गैरकानूनी गतिविधि कानून (यूएपीए) संशोधन बिल केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने और उनकी संपत्ति जब्त करने का अधिकार देता है। इस संशोधन को संसद में दो अगस्त को स्वीकृति मिली थी। 

‘आगे बढ़े सरकार’

‘अमरनाथ यात्रा को बीच में ही रोक देने की आलोचना हो सकती है लेकिन कई बार चार आगे कदम बढ़ने के लिए आपको एक कदम पीछे लेना पड़ता है।’ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाए जाने के विषय पर शिवसेना ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने कश्मीर में जिस तरीके से सशस्त्र बलों की तैनाती की है और अगर वे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की मंशा रखते हैं तो लोगों को बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाए जाने की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए। सरकार को बेशक अपनी योजना पर आगे बढ़ना चाहिए।’ 

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