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शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पीएम मोदी (PM Modi) ने संबोधित किया. 17 मिनट के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया.

UN में एक तरफ पीएम ने अपनी सरकार की तमाम जन कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया, तो दुसरी तरफ आतंकवाद पर भी प्रहार करते हुए पूरी दुनिया को इससे निपटने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत नमस्कार से की और कहा कि यह अवसर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष हम महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मना रहे हैं.

इस वर्ष दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का चुनाव हुआ और मुझे जनादेश मिला. इस जनादेश की वजह से ही मैं आपके बीच हूं. इस जनादेश से निकला संदेश प्रेरक है. नए भारत में तेजी से बदलाव हो रहा है. पीएम ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध का संदेश दिया है. हम पूरी दुनिया का ख्याल रखते हैं.  सवा सौ साल पहले भारत के महान आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में World Parliament of Religions के दौरान विश्व को एक संदेश दिया था. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का आज भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यही संदेश है- Harmony and Peace.

पीएम मोदी के संबोधन की 5 खास बातें…

  • पीएम मोदी ने यूएनजीए (UNGA) में कहा, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में, दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों ने वोट देकर, मुझे और मेरी सरकार को पहले से ज्यादा मजबूत जनादेश दिया. इस जनादेश की वजह से ही आज फिर मैं यहां हूं. यह अवसर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं. 
  • पीएम (PM Modi)  ने कहा, 2022 में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मनाएगा, तब तक हम गरीबों के लिए 2 करोड़ और घरों का निर्माण करने वाले हैं. साथ ही 5 वर्षों में हम जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं.
  • पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा, जब एक विकासशील देश, दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम सफलतापूर्वक चलाता है,  50 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देता है, तो उसके साथ बनी संवेदनशील व्यवस्थाएं पूरी दुनिया को एक नया मार्ग दिखाती हैं. 
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे देश की संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है, जिसकी अपनी जीवंत परंपराएं हैं, जो वैश्विक सपनों को अपने में समेटे हुए है. हमारे संस्कार, हमारी संस्कृति, जीव में शिव देखती है. 
  • हमारी प्रेरणा है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास. हम 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर प्रयास कर रहे हैं लेकिन ये प्रयास जिन सपनों के लिए हो रहे हैं, वो सारे विश्व के हैं, हर देश के हैं, हर समाज के हैं. प्रयास हमारे हैं, परिणाम सारे संसार के लिए हैं. 

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