Nirbhaya Gangrape Case: Punishment-a-death is only between 350 hours
Nirbhaya Gangrape Case: Punishment-a-death is only between 350 hours

Nirbhaya Gangrape Case: डेथ वारंट के मुताबिक निर्भया रेप कांड के चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी होगी. डेथ वारंट में बताया गया है कि निर्भया मामले में चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. निर्भया के दोषियों के पास अब कुछ घंटे या कुछ क्षण ही बचे हैं.

दोषियों के पास अब सिर्फ 350 घंटे की जिंदगी

पटियाला हाउस कोर्ट ने आज 7 जनवरी को शाम करीब 5 बजे निर्भया के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी किया. यानी आज की तारीख में उनके पास सिर्फ 7 घंटे बचे हैं. डेथ वारंट के मुताबिक उनके पास 21 जनवरी तक का पूरा वक्त है. इसका मतलब हुआ कि उनकी जिंदगी के 14 पूरे दिन अभी बाकी है.

14 दिनों को अगर घंटों में बदलें तो कुल 336 घंटे होते हैं. अब सजा-ए-मौत वाले दिन यानी फांसी वाले दिन (22 जनवरी) की बात करें तो निर्भया के चारों दोषियों के पास करीब 7 घंटे का वक्त बचता है क्योंकि डेथ वारंट में बताया गया है कि उन्हें सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा.

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इस तरह देखें तो 7 जनवरी के 7 घंटे, 8 जनवरी से 21 जनवरी तक के कुल 336 घंटे और 22 जनवरी के 7 घंटे समेत निर्भया के चारों दोषियों की फांसी में महज 350 घंटों का फासला बचा है. अब अगर हम निर्भया के दोषियों की जिंदगी में बचे कुल घंटों को क्षण में बदल कर देखें तो उनके पास सिर्फ और सिर्फ 1 लाख 26 हजार क्षण बचे हैं.

निर्भया के माता-पिता क्या बोले?

कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि दोषियों को फांसी से न्याय व्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा. मेरी बेटी को न्याय मिला है. 4 दोषियों की सजा देश की महिलाओं को सशक्त बनाएगी. वहीं निर्भया के पिता बदरीनाथ सिंह ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से हम खुश हैं. इस फैसले से ऐसे अपराध करने वाले लोगों में डर पैदा होगा.  

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दोषी करेंगे क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल

निर्भया के दोषियों (Nirbhaya Gangrape Case) के वकील एपी सिंह ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया से कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेंगे.