Makar Sankranti 2022: मकर संक्रांति वर्ष का वह समय है जब सूर्य देव अपने पुत्र शनि से मिलने जाते हैं। शनि को मकर राशि यानी मकर राशि का स्वामी माना जाता है। इस दिन, पवित्र गंगा समुद्र (सागर) के साथ पृथ्वी पर उतरने के बाद एक स्थान पर विलीन हो गई, जिसे अब गंगासागर के नाम से जाना जाता है।

मकर संक्रांति का दिन शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। उत्सव की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए इस दिन संक्रांति अनुष्ठान जैसे स्नान करना, नैवेद्य यानी सूर्य देव को भोजन देना किया जाता है।

लोग तब दक्षिणा या दान के रूप में भोजन और कपड़े दान करते हैं। मकर संक्रांति के पुण्य काल के दौरान सभी शुभ कार्यों को करने की सलाह दी जाती है।

Makar Sankranti 2022: तिथि (Date)

इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी, 2022 को मनाई जाएगी। यह हिंदुओं के सबसे शुभ त्योहारों में से एक है।

Makar Sankranti 2022: समय (Time)

मकर संक्रांति पुण्य काल दोपहर 02:43 बजे से शाम 06:04 बजे तक है

मकर संक्रांति महा पुण्य काल दोपहर 02:43 बजे से शाम 04:35 बजे तक है।

Makar Sankranti 2022: इतिहास (History)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं।

यह त्योहार पिता और पुत्र के अनोखे मिलन से भी जुड़ा है। एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, मकर संक्रांति को असुरों पर भगवान विष्णु की जीत के रूप में भी मनाया जाता है।

कहा जाता है कि मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु ने धरती पर मौजूद राक्षसों का वध किया था और उनके सिर काटकर मंदरा पर्वत पर दफना दिए थे।

तभी से भगवान विष्णु की इस जीत को मकर संक्रांति पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।

Makar Sankranti 2022: महत्व (Significance)

इस शुभ पर्व को कुछ स्थानों पर उत्तरायण भी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान, व्रत, कथा, दान और भगवान सूर्य की पूजा का विशेष महत्व है।

इस दिन किया गया दान अधिक फलदायी होता है। शनिदेव को दीपों के रूप में प्रकाश का दान भी बहुत शुभ होता है।

यूपी, बिहार, पंजाब, तमिलनाडु में यह समय नई फसलों की कटाई का है। किसान इस दिन को कृतज्ञता दिवस के रूप में भी मनाते हैं।

इस दिन तिल और गुड़ से बनी मिठाइयां बांटी जाती हैं। इसके अलावा मकर संक्रांति पर कुछ जगहों पर पतंग उड़ाने की भी परंपरा है।