LIVE: Violence again in JNU, many students injured
LIVE: Violence again in JNU, many students injured

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बार फिर हिंसा (Violence again in JNU) का मामला सामने आया है. जेएनयू छात्र संघ ने दावा किया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने हिंसा को अंजाम दिया है. हिंसा के दौरान जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष पर भी हमला किया गया.

जेएनयूएसयू ने दावा किया कि साबरमती और अन्य हॉस्टल में एबीवीपी ने प्रवेश कर छात्रों की पिटाई की. इसके साथ ही एबीवीपी की ओर से पथराव और तोड़फोड़ भी की गई. हालांकि तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने चेहरे पर नकाब पहना हुआ था. वहीं इस दौरान जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) की अध्यक्ष आइशी घोष पर हमला किया गया.

LIVE: Violence again in JNU, many students injured

हमले में आइशी घोष बुरी तरह से घायल हो गईं और इस दौरान उनके सिर पर काफी गंभीर चोट भी आई है. वहीं हमले के बाद आइशी घोष ने कहा, ‘मुझे मास्क पहने गुंडों ने बेरहमी से मारा है. मेरा खून बह रहा है. मुझे बेरहमी से पीटा गया.’

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ABVP ने लेफ्ट संगठनों पर लगाया आरोप

वहीं इस मामले में ABVP का कहना है कि जेएनयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों पर लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा, डीएसएफ से जुड़े लोगों ने हमला किया है. इस हमले में करीब 15 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं. वहीं अभी तक लगभग 11 छात्रों का कोई सुराग नहीं मिला है कि वे किस हालात में हैं. अलग-अलग छात्रावासों में एबीवीपी से जुड़े छात्रों पर हमला किया जा रहा है और हॉस्टलों की खिड़कियों दरवाजे को लेफ्ट के लोगों ने बुरी तरह से तोड़ दिया है.

https://youtu.be/O-44AjYDFfY

पहले भी घुसे हैं नकाबपोश लोग

वहीं हाल ही में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के सूचना प्रणाली केंद्र में छात्रों के एक समूह ने हमला बोल दिया था. जिसके कारण रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई थी. उस मामले को लेकर JNU प्रशासन ने कहा कि शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे छात्रों का एक समूह जो अपना चेहरा ढके हुए थे वो सूचना प्रणाली के केंद्र में जबरन घुसे. उन्होंने बिजली की सप्लाई को भी बंद कर दिया. सभी तकनीकी कर्मचारियों को जबरन बाहर निकाल दिया और सर्वर को बंद कर दिया.

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जेएनयू प्रशासन का बयान

प्रशासन ने बताया कि इसके कारण रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई. विश्वविद्यालय उन आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा, जिन्होंने हजारों छात्रों को भारी कष्ट पहुंचाया है.