Ayodhya Case
Ayodhya Case

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद (Ayodhya Case) की नियमित सुनवाई का बुधवार को आखिरी दिन है। कल एक घंटा मुस्लिम पक्षकार जवाब देंगे। चार पक्षकारों को 45-45 मिनट मिलेंगे। मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर भी बुधवार को ही सुनवाई हो सकती है। 

पहले सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले (Ayodhya Case) पर चल रही सुनवाई के आखिरी चरण में हिंदू पक्ष ने मंगलवार को अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत में विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए हिंदू पक्ष की ओर से पेश पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन ने कहा कि मुगल शासक बाबर ने अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मस्जिद बनाकर ऐतिहासिक भूल की थी।

इसे भी पढ़ें : अयोध्या केस: राष्ट्रद्रोह का आरोप लगा बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब

रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ के सामने परासरन ने कहा कि अयोध्या में बहुत सी मस्जिदें हैं, जहां मुस्लिम नमाज अदा कर सकते हैं, लेकिन हिंदू भगवान राम के जन्मस्थान को नहीं बदल सकते।

Ayodhya Case

इसे भी पढ़ें : अयोध्या हाई अलर्ट पर: ड्रोन से हो रही है निगरानी, बढ़ाई गई सुरक्षा, दस अतिरिक्त कंपनियों को किया गया तैनात

मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में जज एस ए बोबडे, जज धनन्जय वाई चंद्रचूड़, जज अशोक भूषण और जज एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। पीठ ने परासरन से कई सवाल पूछे। उनसे परिसीमा के कानून, विपरी कब्जे के सिद्धांत और 2.77 एकड़ विवादित भूमि से मुस्लिमों को बेदखल किए जाने से जुड़े कई सवाल किए।

इसे भी पढ़ें : अयोध्या मामला: 18 अक्तूबर तक दलीलें पूरी हो तभी फैसला संभव, सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराया

Ayodhya Case

पीठ ने यह भी जानना चाहा कि क्या मुस्लिम अयोध्या में कथित मस्जिद छह दिसंबर, 1992 को ढहाए जाने के बाद भी विवादित संपत्ति के बारे में डिक्री की मांग कर सकते हैं? पीठ ने परासरन से कहा, ‘वे कहते हैं, एक बार मस्जिद है तो हमेशा ही मस्जिद है, क्या आप इसका समर्थन करते हैं?’

इसे भी पढ़ें : अयोध्या केस: 1949 में हुई गलती को हमेशा जारी नहीं रखा जा सकता

इस पर परासरन ने जवाब दिया, ‘नहीं। मैं इसका समर्थन नहीं करता। मैं कहूंगा कि एक बार मंदिर है तो हमेशा मंदिर ही रहेगा।’ परासरन पर सवालों की बौछार करने के बाद सीजेआई जस्टिस गोगोई ने मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन से पूछा कि क्या हमने हिंदू पक्ष से पर्याप्त सवाल पूछ लिए हैं? 

Leave a comment

Your email address will not be published.