CM Yogi Adityanath: Stoned bowlers will not be spared, this can be punished
CM Yogi Adityanath: Stoned bowlers will not be spared, this can be punished

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के गृह जनपद गोरखपुर में बवाल और हिंसा के मामले को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बहुत गंभीरता से लिया है। विश्वस्त प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने पूरी घटना की रिपोर्ट तलब करने के बाद डीएम-एसएसपी को उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।

उनके अलावा शासन के सभी आला अफसर जिले के प्रशासन और पुलिस के आला अफसरों से लगातार  संपर्क में हैं। निर्देश दिए गए हैं कि जिन लोगों ने भी शहर का अमन-चैन खराब करने की कोशिश की है उन पर कड़ी कार्रवाई कर नजीर पेश की जाए।

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शासन के सख्त होने के बाद प्रशासन ने भी कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से नुकसान की भरपाई इसी के तहत होगी।  जिलाधिकारी  डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि शहर की शांति व्यवस्था खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके साथ किसी तरह की मुरव्वत नहीं की जाएगी।  कई लोगों के नाम, पते सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन से ली गई तस्वीरों और मीडिया से हासिल तस्वीरों की मदद से उपद्रवियों को चिह्नित कर उनकी पहचान की जा रही है। सभी उपद्रवियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने शनिवार को शाहमाहरूफ, मदीना चौक, नखास, खूनीपुर, घासीकटरा और तिवारीपुर समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार गश्त पर हैं। एडीजी रेंज जय नारायण सिंह खुद ही हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

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सीसीटीवी फ़ुटेज, ड्रोन कैमरे के जरिये की गई फोटोग्राफी और वीडियो की मदद से 50 पत्थरबाजों की पहचान की गई है। इनके फोटो मीडिया को भेजे गए हैं। सोशल मीडिया पर भी फोटो डाली गई है। जिस इलाके में घटना हुई थी, वहां फोटो चस्पा किए गए। पहचान का सिलसिला जारी है। गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी जा रही है।

इतनी हो सकती है सजा

धारा 147, 148, 149, 504, 506 : मारपीट, धमकी देना (सजा दो वर्ष)
धारा 307 : हत्या की कोशिश (दस साल सजा और आर्थिक जुर्माना या आजीवन कारावास)  
धारा 332 : सरकारी कर्मचारी से मारपीट  (सजा दस वर्ष व आर्थिक जुर्माना या आजीवन कारावास)
धारा 333 : लोक सेवक के काम में बाधा डालने (सजा दो वर्ष व आर्थिक जुर्माना)
धारा 353 : किसी के काम को रोकना (सजा दो वर्ष)
धारा 153 : उपद्रव करना (सजा छह महीना)
धारा 153 ए : नफरत फैलाना (सजा पांच वर्ष)
धारा 188 : उपद्रव को बढ़ावा (सजा छह महीना)
धारा 336 : उतावलेपन में हिंसा करना (सजा तीन महीना)
धारा 427 : आर्थिक नुकसान पहुंचाना (सजा दो वर्ष)

पुलिस ने शुक्रवार को शहर में हुए उपद्रव में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला कोतवाली प्रभारी जयदीप वर्मा ने 22 नामजद और 800 अज्ञात पर मारपीट, हत्या की कोशिश, लोक सेवक पर आपराधिक बल का प्रयोग, उपद्रव करना, नफरत फैलाने, आर्थिक हानि पहुंचाने, 7 सीएलए का केस कराया है।

दूसरा मामला चौकी इंचार्ज नखास अवधेश प्रसाद की तहरीर पर दर्ज हुआ। इसमें 150 लोगों से ज्यादा पर धारा 144 के उल्लंघन का जिक्र है। सीसीटीवी फ़ुटेज, ड्रोन कैमरे के जरिये की गई फोटोग्राफी और वीडियो की मदद से पत्थरबाजों की पहचान की गई है।