युद्ध की शुरुआत 3 मई 1999 को उस समय की थी जब उसने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर 5,000 सैनिकों के साथ घुसपैठ कर कब्जा जमा लिया था। इस बात की जानकारी जब भारत सरकार को मिली तो सेना ने पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया।

26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के दांत खट्टे करके अपनी विजय पताका लहराई थी। देश के वीर जवानों ने युद्ध के दौरान अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया था। वह अपनी जाबांजी की कई ऐसी यादें छोड़ गए हैं जिन्हें याद करके आज भी हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जवानों को याद करते हुए ट्वीट किया है। 

प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा

‘1999 में कारगिल युद्ध के दौरान मुझे कारगिल जाने और अपने बहादुर सैनिकों के साथ एकजुटता दिखाने का अवसर मिला था। यह वह समय था जब मैं पार्टी के लिए जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में काम कर रहा था। कारगिल की यात्रा और सैनिकों के साथ बातचीत अविस्मरणीय है।’

प्रधानमंत्री ने ट्वीट के साथ ही सैनिकों के साथ अपनी तस्वीरें साझा की है। जिसमें वह सैनिकों के साथ बात करते और अस्पताल में घायलों से मिलते हुए नजर आ रहे हैं। युद्ध के दौरान भारत ने 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था। वहीं 1300 से ज्यादा घायल हो गए थे। लगभग दो महीने तक यह युद्ध चला था। जिसे करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ा गया था।

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