Bhangarh Fort, which is still haunted by ghosts, know the mystery...
Bhangarh Fort, which is still haunted by ghosts, know the mystery...

100 साल पहले अजबगढ़ के झिंझड़ गांव में डरावने अनुभवों के किस्से थे। भारत के सबसे प्रेतवाधित स्थानों में से एक भानगढ़ किला (Bhangarh Fort) के पास होने की वजह से अजबगढ़ गांव में देखे गए अजीब अनुभवों के कारण लोग गांव छोड़कर हमेशा के लिए यहां से चले गए और दौवारा कभी यहां लौटकर वापस नहीं आए।

‘भानगढ़ का किला’ (Bhangarh Fort) हांटेड प्लेस में से एक है। यह किला वर्षों से एक रहस्य बना हुआ है। भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने इस किले में रात के समय प्रवेश करने के लिए रोक लगा रखी है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिसने रानी रत्नावती की कहानी और दुष्ट जादूगर की वजह से भानगढ़ के किले के पास उजड़ चुके गांव एक बार फिर बस चुके हैं।

इसे भी पढ़ें : Ram Setu Bridge: नल और नील के पत्थर डूबते नहीं थे, इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण थे?

काला जादू करने तांत्रिकों ने इस गांव को शाप दिया था और इसी वजह से लोगों को अपने डर से घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। कहां जा रहा है कि 2018  से अजबगढ़ का भूतिया गांव अब एक बार फिर से बस रहा है। छोड़े हुए गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर एक नई सभ्यता की शुरुआत हुई है जहां एक समुदाय ने निर्माण शुरू किया है। 

इसे भी पढ़ें : शिवरात्रि का यह संयोग गृहस्थों के लिए लाभकारी

कुछ साहसी लोगों और ’वाटर मैन’ राजेंद्र सिंह द्वारा 35 साल पहले अजबगढ़ में शुरू किए गए जल संचयन और संरक्षण प्रयासों ने असर दिखाया है। ग्रामीण 2,500 परिवारों के लिए न केवल बैंगन, सरसों, भिंडी, टमाटर, गेहूँ उगा रहे हैं, बल्कि शहरों में बेच भी रहे हैं। अजबगढ़ में मकान, दुकानें और एक सरकारी स्कूल भी हैं।

जिसने रानी रत्नावती की कहानी और दुष्ट जादूगर से परे भानगढ़ किले के आसपास पर्यटकों को उस स्थान और गांव की यात्रा करने की संभावनाएं खोल दी हैं। हालांकि, ग्रामीण अभी भी बुरी आत्माओं से बचाव के लिए सुरक्षा रखते हैं।