Box Office : कोरोनाकाल के बाद थिएटर खुलने का दर्शक बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, ऐसे में मूवीज के (Box Office) कलेक्शन पर भी सबकी नज़रें टिकी हुई हैं. इस हफ्ते हॉलीवुड सुपरहीरो फिल्म ‘स्पाइडरमैन- नो वे होम’ और अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा’ रिलीज हुई है. दोनों ही फिल्मों का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है। सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की पहली पैन- इंडिया फिल्म मानी जा रही फिल्म ‘पुष्पा’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत ली है.

पुष्पा ने स्पाइडरमैन को दी टक्कर
अल्लू अर्जुन की पुष्पा ने स्पाइडरमैन की हेकड़ी गायब कर दी. जो फिल्म एडवांस बुकिंग में हाउसफुल जा रही थी, वीकएंड में उसके दर्शक कम हो रहे. स्पाइडरमैन, पुष्पा से एक दिन पहले रिलीज हुई थी. फिल्म ने गुरुवार (Box Office) को 32.67 करोड़, शुक्रवार को 20.37 करोड़, शनिवार को 26.10 करोड़ कमाए हैं.
यह अपनी तरह का विशेष मौका है जब किसी फिल्म ने रिकॉर्डतोड़  (Box Office) ओपनिंग की और वीकएंड में ही उसका कलेक्शन पहले दिन के मुकाबले बहुत नीचे गिरता दिख रहा हो. ऐसा पहले भी हुआ है कि अच्छी ओपनिंग के बावजूद फ़िल्में आगे जाकर बैठ गईं, लेकिन तब उनके सामने कोई दूसरी फिल्म कमाते नहीं दिखती है. इसलिए साफ़ संकेत है कि कैसे पुष्पा ने स्पाइडर मैन की जबरदस्त चुनौती को भोथरा साबित कर किया.

क्या कहतीं हैं रिपोर्ट्स
अल्लू अर्जुन की पुष्पा को दक्षिण की भाषाओं के साथ ही हिंदी में भी रिलीज किया गया है. हिंदी में फिल्म का पहले दिन यानी शुक्रवार का कलेक्शन (Box Office) 3 करोड़ और दूसरे दिन 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन निकाला. रिपोर्ट्स हैं कि पुष्पा की सभी भाषाओं का कलेक्शन 45 करोड़ रुपये से ऊपर है. तेलुगु बॉक्स ऑफिस पर तो फिल्म का कलेक्शन रिकॉर्डतोड़ है. दक्षिण के क्षेत्रों यहां तक कि तमिल, कन्नड़ और मलयाली रीजन्स में भी पुष्पा, स्पाइडरमैन नो वे होम पर बहुत भारी साबित हो रही है. खासकर सिंगल स्क्रीन और मास सर्किट में. ट्रेड एक्सपर्ट रमेश बाला ने एक ट्वीट में बताया कि पुष्पा ने दो दिनों में ही 100 करोड़ रुपये कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है. पुष्पा की कमाई का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा देश के सिनेमाघरों से है.

बता दें, एडवांस बुकिंग के दौरान स्पाइडर मैन ने काफी जबरदस्त प्रदर्शन दिखाया है. लेकिन पुष्पा की वजह से फिल्म को दक्षिण भारत में कम स्क्रीन मिली हैं. कोई शक नहीं कि दक्षिण भारत में अल्लू अर्जुन की फिल्म का बोलबाला है.